ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
डोईवाला। वर्ल्ड रिस्टार्ट हार्ट डे पर इंडियन सोसायटी ऑफ एनिस्थियोलाजिस्ट की ओर से स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों और विभागों में कार्डियो पल्मिनरी रिससिटेशन (सीपीआर) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आपातकालीन स्थिति में हृदय की धड़कन को पुन: सुचारू करने का प्रशिक्षण दिया गया। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में आयोजित सीपीआर प्रशिक्षण के तहत मरीजों के तीमारदारों के साथ मेडिकल, मैनेजमेंट, इंजीनियरिगं, नर्सिंग, पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र छात्राओं और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। एनिस्थियोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. वीना अस्थाना ने कहा कि देश में हर साल लाखों लोगों की मौत दिल की बीमारी के कारण हो जाती है। पचास फीसदी लोगों की मौत वक्त पर अस्पताल में पहुंचने पर होती है। इसमें सीपीआर तकनीक जीवनदायिनी से कम नही है। अगर किसी शख्स को दौरा पड़ जाता है तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। ऐसे में सीपीआर तकनीक का इस्तेमाल कर जीवन को बचाया जा सकता है। इस दौरान पुतलों पर प्रतिभागियों को प्रैक्टिस कराई गई। कार्यक्रम में डॉ. गुरजीत खुराना, डॉ. पारुल जिंदल, डॉ. निधि, डॉ. दिव्या, डॉ. प्रिया, डॉ. श्रीष, डॉ. हरीश, डॉ. सौरभ, डॉ. शोभा आदि मौजूद रहे।