पीपलकोटी। ज्योति क्लब की ओर से आयोजित रामलीला के छठवें दिन सीता हरण का मंचन हुआ। पंचवटी में लंकापति रावण की बहन सूपर्णखा द्वारा राम और लक्ष्मण के सम्मुख विवाह का प्रस्ताव रखा जाता है। सूपर्णखा के शादी के लिए जिद्द करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देता है। सूपर्णखा भाई खर और दूषण के पास जाती है। जिसे सुनकर दोनों भाई अपनी बहन के अपमान का बदला देने के लिए राम और लक्ष्मण से युद्ध करते हैं। रावण मारीच को स्वर्ण मृग का रुप धारण कर वन में सीता का ध्यान आकर्षित करने को कहता है। इसके बाद रावण साधु वेष धारण कर सीता का हरण कर लेता है। रामलीला मंचन का शुभारंभ बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती और विश्व हिंदू परिषद के विभाग प्रचारक चिंतामणि ने किया। इस मौके पर शासकीय अधिवक्ता हरेंद्र सिंह, देवानंद, दीप शाह, संतोष शाह, मृदुल, सुनील, अजय, प्रकाश, भुवन शाह, भगवान शाह, जगदीश, राकेश, विनोद, अशोक आदि मौजूद थे।