जोशीमठ। 20 नवंबर को भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी भगवान बदरीनाथ के कपाट के साथ ही तीर्थयात्रियों के दर्शनार्थ खोल दिए जाते हैं। भविष्य बदरी मंदिर के पुजारी सुशील डिमरी ने बताया कि इस वर्ष भविष्य बदरी मंदिर के कपाट 20 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट पर बंद होंगे। भविष्य बदरी मंदिर समुद्रतल से 2744 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ऊंचाई पर होने के कारण शीतकाल में मंदिर बर्फ से ढक जाता है।