गोपेश्वर। समेकित बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत स्वयं सेवी संस्था हिमाद ने चाइल्ड लाइन टीम के सदस्यों के साथ क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन किया। हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि बच्चों से संबंधित मामलों का निपटारा संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। चाइल्ड लाइन सेवा 1098 शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए आपातकालीन सेवा है, जो 24 घंटे टोल फ्री सेवा उपलब्ध कराती है। चाइल्ड लाइन की समन्वयक प्रभा रावत ने कहा कि देशभर में 40 फीसदी बच्चे कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं, जिसमें शोषण, उत्पीड़न, गरीबी, अनाथ, लापता, विकलांग, बाल मजदूरी जैसी समस्याएं हैं। इन बच्चों की सुरक्षा अति आवश्यक है। इस मौके पर चाइल्ड लाइन के सदस्य सुभाष, दीपक नेगी, भागीरथी रावत, पुष्कर लाल, नीरज नेगी, दीपक रावत, दीक्षा, संतोषी और गजेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।