गोपेश्वर। पौड़ी जिले के धुमाकोट में हुई बस दुर्घटना ने चमोली जिले में पूर्व में हुई बड़ी दुर्घटनाओं की याद दिला दी। वर्ष 1998 में बदरीनाथ हाईवे पर चाड़े के पास बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा में समा गई थी, तब बस में सवार सभी 36 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। वर्ष 2010 में बदरीनाथ हाईवे पर ही मैठाणा के पास स्थानीय लोगों से भरी बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा तट पर जा गिरी थी। इसमें सवार 26 लोगों में से 12 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 10 मई वर्ष 2014 में नंदप्रयाग-घाट मार्ग पर तोणीधार तोक में हुई बस दुर्घटना में 18 लोगों की मौत हो गई थी। 5 जनवरी वर्ष 2016 को तोणीधार से ही करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर सैतोली में हुई बस दुर्घटना में पांच की मौत और 21 लोग घायल हो गए थे। वर्ष 2015 के मई माह में बदरीनाथ हाईवे पर पुरसाड़ी के समीप हुई बस दुर्घटना में छह लोगों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि 23 लोग गंभीर घायल हो गए थे।