गोपेश्वर। उत्तराखंड के उथिंड गांव के युवा देश, दुनिया में योग की अलख जगा रहे हैं। साथ ही कई युवा योग को अपना करियर बना रहे हैं।
रुद्रप्रयाग जिले के सीमांत गांव उथिंड में योग शिक्षक गणेश सेमवाल (पीएचडी) मौजूदा समय में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ऋषिकेश में योग शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। गणेश अभी तक इटली, बैंकाक और चीन में योग का प्रशिक्षण दे चुके हैं। उथिंड गांव के ही ललित वर्तमान में वियतनाम में योग कक्षाएं चला रहे हैं, जबकि इसी गांव के योगेंद्र भी वियतनाम, अजय और हीमा विशाखापट्टनम में और पंकज दिल्ली में योग की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। इसके अलावा गांव के हिमांशु, सिंधु, अजय और मीना भी देश के अन्य राज्यों में लोगों को योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं और लोगों को स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक कर रहे हैं। योग शिक्षक गणेश सेमवाल का कहना है कि योग की मांग दुनिया में बढ़ती जा रही है। योग स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। वर्तमान में हमारा खान-पान पौष्टिकता से भरपूर नहीं है, जिससे लोगों में कई तरह के रोग हो रहे हैं। ऐसे में निरंतर योग करने रोग दूर रहते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है।