बदरीनाथ। देश के अंतिम गांव माणा में इन दिनों तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बनी हुई है। तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन करने के बाद माणा गांव के सैर-सपाटे पर पहुंच रहे हैं। माणा गांव में भोटिया जनजाति के ग्रामीण रहते हैं। ग्रामीण काश्तकारी करने के साथ ही स्वयं बनाए ऊनी वस्त्र भी बेचते हैं। तीर्थयात्री भी ग्रामीणों की ओर से बनाए कालीन, टोपी, स्वेटर, स्कार्फ, कोट और मफलर को हाथों हाथ ले रहे हैं। माणा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा का कहना है कि इस बार माणा गांव में तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रत्येक दिन करीब पांच हजार तीर्थयात्री माणा गांव घूमने पहुंच रहे हैं। माणा गांव में भीम पुल, सरस्वती नदी, व्यास गुफा, गणेश गुफा के साथ ही बदरीनाथ के क्षेत्रपाल घंटाकर्ण महाराज का भव्य मंदिर है।