श्रीनगर। गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप कार्यकी शोध केंद्र (हेप्रेक) में नेशनल मिशन ऑन हिमालयन स्टडीज के तहत आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में 200 से अधिक जड़ी-बूटी उत्पादक कृषकों ने प्रतिभाग किया। बुधवार को कार्यशाला के समापन पर कृषकों को सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में भूमि ढलान युक्त है। इसमें न केवल औषधियुक्त पौधे बल्कि सगंध पादपों का भी बेहतर उत्पादन किया जा सकता है। कार्यशाला में डा. सीपी कुनियाल, डा. आरएस चौहान, डा. बीएस मेघवाल आदि ने भी जानकारियां दी।