श्रीनगर। शुद्ध पेयजल आपूर्ति, एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी कैंपस का निर्माण और राजकीय संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग के लिए आंदोलनरत प्रगतिशील जन मंच ने मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व मीडिया के माध्यम से खुला ज्ञापन जारी किया है। प्रजमं के अध्यक्ष अनिल स्वामी, जेपी पुरी, प्रवीण पांडे, चंद्रमोहन बहुगुणा, झाबर सिंह रावत, सदानंद पुरी, विनोद मैठाणी, शकुंतला राणा, मीना चंदोला व अनिता बिष्ट सहित अन्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री, गढ़वाल सांसद और क्षेत्रीय विधायक के नाम लिखे पत्र में कहा कि जनहित की मांगों पर उपेक्षा सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रही है। आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि आलवेदर रोड परियोजना के लिए 12 हजार करोड़ और केदारनाथ धाम के लिए 700 करोड़ रुपये खुले हाथ से दिए जा सकते हैं, तो श्रीनगर, श्रीकोट व पौड़ी के निवासियों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए 12 करोड़ रुपये क्यों नहीं दिए जा सकते? एनआईटी के स्थायी कैंपस का निर्माण भूमि उपलब्ध होने के बावजूद नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना कंपनी के आगे सरकार नतमस्तक हो गई है। उन्होंने सरकार को कंपनी के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए।