श्रीनगर। गढ़वाल विवि की बिड़ला परिसर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता भारतीय ऊष्ण देशीय मौसम विज्ञान संस्थान दिल्ली के डा. अतुल कुमार श्रीवास्तव ने स्वयंसेवियों को धुआं और धुंध (स्माग व फॉग) में अंतर बताया। कहा कि दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं। उत्तराखंड भी वायु विशेषता के बारे में बहुत अच्छा नहीं है। बड़े पत्तों वाले पेड़ लगाने से वायु की विशेषता ठीक हो सकती है, क्योंकि धूल के कण बड़ी आसानी से बड़ी पत्तियों पर जमा हो जाते हैं। डा. अतुल ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से होने वाला प्रदूषण अत्यधिक ऊंचाई पर जाने पर हानिकारक प्रभाव डालता है, जिससे बारिश वाले बादलों के बनने की प्रक्रिया क्षीण हो जाती है। कार्यक्रम में डा. आलोक सागर गौतम, तान्या भारती, लव मैठाणी, विनायक मिश्रा, शुभम डिमरी, प्रियांक आदि मौजूद थे।