श्रीनगर। विवि के कर्मचारी और छात्र, वित्त अधिकारी (एफओ) के खिलाफ लामबंद होंगे। मंगलवार को विवि के खुलने पर इसके लिए रणनीति बनाई जाएगी।
मौजूदा समय में विवि के शीर्ष अधिकारियों रजिस्ट्रार डा. एके झा और एफओ डा. पदमाकर मिश्र की कार्यप्रणाली चर्चाओं में हैं। जहां रजिस्ट्रार के कामकाज पर विवि की कार्य परिषद ने सवाल उठाए हैं। वहीं एफओ वित्तीय गड़बड़ी से कर्मचारियों के निशाने पर हैं। दरअसल, एफओ पिछले 13 माह से दिल्ली विवि से सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन के साथ ही गढ़वाल विवि से पूरी तनख्वाह ले रहे थे। सोशल मीडिया और कर्मचारियों की शिकायत के बाद मामला प्रकाश में आने पर उन्होंने विवि को वेतन के रुप में ली गई अतिरिक्त धनराशि लौटा दी। इसके अलावा वह विवि के गेस्ट हाउस में रहने के बावजूद विवि से एचआरए ले रहे हैं। सोसाइटी फॉर रिव्यूलोशन अगेंस्ट करप्शन के सचिव संतोष ममगांई, विवि शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी व पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी का कहना है कि एफओ को विवि की ओर से चौरास में आवास आंवटित हुआ है, लेकिन वह वहां नहीं रहकर गेस्ट हाउस में रह रहे हैं। छात्र संगठन आईसा भी वित्तीय अनियमितता के मामले में मुखर हो गया है। आईसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती व नगर प्रमुख शिवानी पांडेय ने कहा कि इस मुद्दे पर छात्र और कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।