देवाल/कर्णप्रयाग। देवाल और कर्णप्रयाग में विजयादशमी पर्व पर मंदिरों तथा घरों में पूजा की गई। देवाल मुख्यालय पर आयोजित दस दिवसीय दुर्गा महोत्सव के समापन पर आचार्यों ने दुर्गा सप्तशती, चंडी पाठ सहित अन्य वैदिक मंत्रों से देवी की आराधना की। इसके बाद श्रद्धालुुओं ने आयोजन स्थल से कैल और पिंडर नदी के संगम तक नव दुर्गा की मूर्तियों की भव्य शोभा यात्रा निकाली और संगम तट पर मूर्तियों को विसर्जित कर दिया। इस मौके पर दुर्गा समिति के अध्यक्ष कपूर मिश्रा, नंद किशोर मिश्रा, हंसा प्रसाद मिश्रा, हेम चंद्र मिश्रा, कमलेश चंद्र, कैलाश चंद्र, बसंत बल्लभ, ललिता प्रसाद, लक्ष्मी दत्त, ललिता प्रसाद गौड़ सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। वहीं कर्णप्रयाग के डुंगल्वाली गांव के पौराणिक चंडिका देवी मंदिर में आयोजित नवरात्रा पाठ यज्ञ का पूर्ण आहुतियों और विशाल भंडारे के साथ समापन हो गया। इससे पूर्व शुक्रवार को मंदिर में आयोजित रात्रि जागरण में महिलाओं ने देवी के मांगल-जागरों से स्तुति की। इस मौके पर मंदिर के पुजारी विनोद सती, गजेंद्र प्रसाद कोठियाल, मुरारी लाल सती, नयन कोठियाल, चंद्र मोहन, सूरज, संजय सती, बृजेश और योगेश आदि मौजूद थे।