कर्णप्रयाग। राजराजेश्वरी चंडिका देवी रामलीला कमेेटी सिमली की ओर से आयोजित रामलीला मंचन देखने के लिए श्रद्धालुुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रामलीला में राम, लक्ष्मण और सीता वनवास पर हैं तो वहीं पुत्र वियोग में महाराजा दशरथ का निधन हो जाता है। भरत और शत्रुघन के अयोध्या पहुंचने पर उन्हें राम के वनवास की जानकारी मिलती है। भरत इससे व्यथित होकर माता कैकेई और दासी मंथरा को खरी-खोटी सुनाते हैं। भरत कुलगुरु और अयोध्या वासियों के साथ राम, लक्ष्मण और माता सीता को लेने वन जाते हैं। वहां पहुंचकर वे भ्राता राम से अयोध्या वापस जाने की बात कहते हैं, तो राम माता-पिता की आज्ञा के पालन की बात कहते हुए भरत को अयोध्या जाने के लिए कहते हैं। भरत राम के वापस आने तक उनकी चरण पादुका को लेकर अयोध्या लौट जाते हैं। मंचन में राम और भरत के मिलन को देख दर्शक भाव-विह्वल हो गए। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, डा. वीरेंद्र सिंह रावत, डा. राजेश दुबे, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, रविंद्र खंडूड़ी, जयदीप गैरोला और हेमंत टकोला आदि मौजूद थे।