कर्णप्रयाग। मां चंडिका रामलीला कमेटी सिमली की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के प्रथम दिन राम के जन्मोत्सव को देखने के लिए श्रद्धालुुओं की भीड़ उमड़ी।
रामलीला मंचन में लंकाधिपति राजा रावण, कुभंकर्ण और विभीषण ब्रह्मदेव की तपस्या करते हैं। भगवान ब्रह्मा उनके कठोर तप से प्रसन्न होकर वरदान मांगने को कहते हैं और रावण अपराजित होने, कुभंकर्ण छह माह तक सोने तथा विभीषण श्री हरि की अनवरत कृपा का वरदान मांगते हैं। वहीं दूसरी ओर अयोध्या नरेश राजा दशरथ कुल गुरु वशिष्ठ से अपने कुल को आगे बढ़ाने के लिए पुत्र प्राप्ति का उपाय पूछते हैं। तब गुरु वशिष्ठ महाराजा को परामर्श देते हुए ऋंगी ऋषि से पुत्रेष्ठी यज्ञ करवाते हैं। इसके बाद महारानी कौशल्या राम, कैकई भरत और सुमित्रा लक्ष्मण और शत्रुघन को जन्म देती हैं। अयोध्या नरेश के घर चार पुत्रों के जन्म लेने पर तीनों लोकों सहित अयोध्या में उत्सव मनाया जाता है। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, चंडिका मंदिर के पुजारी प्रदीप गैरोला, डा. राम सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, जयदीप गैरोला, रविंद्र खंडूड़ी, हेमंत टकोला समेत कई श्रद्धालु मौजूद थे।