श्रीनगर। गढ़वाल विवि में राष्ट्रीय सेवा योजना बिरला परिसर इकाई की ओर से अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान दिल्ली के निदेशक डा. सुरेश तिवारी ने अपने व्याख्यान में कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक व जलवायु की स्थिति पूरे देश पर अपना प्रभाव डालती है। कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के साथ ही उत्तराखंड देश का ऐसा राज्य है, जहां प्रदूषण कम और हरे भरे पेड़ों की संख्या अधिक है। कहा कि हरी भरी जलवायु से ही उत्तराखंड ग्लोबल वार्मिंग नियंत्रण व ओजोन परत के क्षय को रोका जा सकता है। तिवारी ने कहा कि यहां मौसम अध्ययन केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को समय पर मौसम व भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बारे में सटीक जानकारी मिल सके। इस मौके पर डा. विजय ज्योति कुमार, डा. आशुतोष गुप्ता, डा. मनीष उनियाल, डा. आलोक सागर गौतम आदि ने स्वच्छता के बारे में सुझाव एवं जानकारी दी। ब्यूरो