अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
हरिद्वार-नजीबाबाद राजमार्ग पर कोटावाली नदी के पास पुल टूटने का पूरा फायदा प्राइवेट टैक्सी वाले उठा रहे हैं।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग कोटावाली नदी का पुल बीचों-बीच दरकने से भारी वाहनों की आवाजाही कोटावाली नदी के पुल से बंद करके कोटद्वार नहर पटरी पर कर दी गई थी। गुलालवाली व मालन नदी के पुल को खतरा देखते हुए सिंचाई विभाग ने वहां भी भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने के लिए हरिद्वार और बिजनौर के डीएम को पत्र भेजा था। उसके बाद से ही हरिद्वार से नजीबाबाद मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर बसों को रुड़की से मुजफ्फरनगर भेजना शुरू किया गया। इससे दूरी बढ़कर 135 किमी हो गई है। बढ़ी दूरी से यात्रियों की जेब ढीली होने के साथ ही उनका समय भी जाया हो रहा है। इसका टैक्सी वाले लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीण हेमराज अनिल चौहान, देवेंद्र नेगी, सुभाष चौहान, महावीर, कोमल, नत्थू सिंह का कहना है कि टैक्सी वाले प्रत्येक सवारियों से 100 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। वहीं क्षमता से अधिक सवारियां भी बैठा रहे हैं। इससे यात्रियों की जान पर बन सकती है। पुलिस प्रशासन और परिवहन निगम के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हरिद्वार की तरफ से तो रोडवेज की बसें बंद कर दी गई हैं, लेकिन नजीबाबाद की ओर से यात्रियों की जान जोखिम में डालकर मालन वाली नदी के पुल और गुलालवाली के पुल से सरकारी रोडवेज आ रही हैं। जबकि सिंचाई विभाग ने उत्तराखंड और यूपी के प्रशासन को इन दोनों पुलों पर खतरा देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने के लिए पत्र दिया था, लेकिन यूपी के अधिकारी भारी वाहनो को रोकने के लिए कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।