कर्णप्रयाग। जोशीमठ से हरिद्वार जाते हुए कर्णप्रयाग में ज्योर्तिमठ बदरीकाश्रम के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज का लोगों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सर्वोच्च न्यायालय से हल निकलने के बाद रामलला के मंदिर निर्माण के लिए वे वचनबद्ध हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और गौरव को बनाए रखने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहें। इस मौके पर स्वामी शंकरानंद जी महाराज, श्री देवेश्वर महाराज, ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज, आचार्य विपिन, राकेश कुमार डिमरी और राजेश डिमरी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।