जोशीमठ। उर्गम घाटी स्थित फ्यूंला नारायण मंदिर के कपाट बुधवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर के कपाट 16 जुलाई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट बंद होने के मौके पर बुधवार सुबह से मंदिर में विशेष पूजाएं हुईं। इसके बाद भगवान फ्यूंला नारायण को भोग लगाने के बाद दोपहर ढाई बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ भगवान फ्यूंला नारायण की उत्सव मूर्ति अपने शीतकालीन गद्दी स्थल भर्की गांव पहुंच गई है। अब शीतकाल में भगवान फ्यूंला नारायण की पूजा भर्की गांव में की जाएगी।