गोपेश्वर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गांव-गांव में कार्यरत आशा फैसिलेटरों ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने, कार्य का मूल्यांकन एनजीओ के बजाय प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कराने की मांग उठाई। जिले की आशा फैसिलेटरों ने मुख्य चिकित्साधिकारी से भेंटकर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। आशा फैसिलेटर संघ की अध्यक्ष किरन बिष्ट, गीता गौड़, मोनिका रौतेला, गुड्डी देवी, इंदिरा, उर्मिला राणा, सरिता देवी, माहेश्वरी टोलिया, सुशीला, अंजू और आशा ने कहा कि उन्हें एनजीओ के दबाव में काम करना पड़ रहा है। मेहनताना भी समय पर नहीं मिलता है। आशा फैसिलेटरों ने मानदेय में बढ़ोत्तरी करने, यात्रा भत्ता, स्टेशनरी, फोन की सुविधा देने और मानदेय एनजीओ के बजाय बैंक के माध्यम से करने आदि की मांग उठाई।