इन दिनों कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) की समस्या से अधिकतर लोग परेशान हैं। बच्चे और बड़े सब इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में कोविड कंजक्टिवाइटिस का पता लगाने के लिए दून अस्पताल के नेत्र रोग विभाग और वॉयरोलॉजी लैब ने शोध शुरू किया था। कोविड कंजक्टिवाइटिस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए आंखों से लिए गए स्वैब के सैंपल की आरटीपीसीआर जांच की गई। इसमें 15 सैंपल की रिपोर्ट कोविड निगेटिव आई है।
दून मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुशील ओझा ने बताया, एक सप्ताह पहले मरीजों के सैंपल लैब भेजे गए थे। वहीं, नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ. यूसुफ रिजवी ने बताया, कोविड कंजक्टिवाइटिस की आशंका बहुत कम रहती है। आई फ्लू हर चार साल में एक बार आता है। पिछली बार आया था तो प्रीकोरना वायरस था। इस बार एडेनो वायरस (एपिडेमिक केरेटो कंजक्टिवाइटिस) की आशंका लग रही है।