प्रेम से ही शत्रुओं पर विजय संभव : आचार्य ममगाईं
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
अजबपुर स्थित माता मंदिर में आयोजित शिवमहापुराण कथा के अंतिम दिन ज्योतिषपीठ व्यास आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया।
आचार्य ममगाईं ने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों को सभी सुख प्रदान करने वाले हैं। भगवान शिव ने अपने गले में विषैले सांपों को अपना आभूषण बनाया। जिसका अर्थ है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मानसिक शीतलता और शत्रुओं पर विजय पाने के लिए प्रेम जरूरी है। उन्होंने कहा कि कंठ में विष धारण करने वाले भगवान शिव हमें सिखाते हैं कि परोपकार के लिए विष भी पीना पड़े तो हर्ज नहीं। समाज और परिवार के लिए कड़वे घूंट पीने वाला व्यक्ति कभी छोटा नहीं होता। भक्ति के लिए समय और धन की आवश्यकता नहीं होती बल्कि मन की आवश्यकता होती है। इस मौके पर विधायक उमेश शर्मा, रमेश ममगाईं, उमेश मिनोचा, प्रेम सिंह मनवाल, राधाकृष्ण, सुरेंद्र नेगी, सुनीता नेगी, पुष्पा सुंदरियाल, सुनीता डंडरियाल, कुलानंद, प्रिया कुकसाल, लक्ष्मी, प्रणय, रमेश डबराल, नीलम ध्यानी, योगेश, बिमला कोटियाल, गोदावरी डोबरियाल, मानकी नेगी, हमेंद्र चंदेल आदि मौजूद रहे।