ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पंचायती राज विभाग की ओर से जूनियर अभियंताओं के लिए बृहस्पतिवार से दो दिवसीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का डीपीआर निर्माण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। निदेशक एससी सेमवाल ने प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति 2017 लागू है। ग्राम पंचायतों में डीपीआर निर्माण होना है, जिसमें जूनियर अभियंताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विपिन कुमार ने कहा कि डीपीआर सहभागिता के आधार पर तैयार होनी चाहिए। गांव स्तर पर वातावरण निर्माण, संसाधनों का आंकलन कर डीपीआर तैयार होनी चाहिए। वित्त कंट्रोलर प्रमिला पैन्यूली ने कहा कि ग्राम पंचायतों को अपनी आय विकसित करनी होगी। संयुक्त निदेशक डीपी देवराडी और सहायक निदेशक मनोज तिवारी ने कहा कि पहले चरण में 1105 पंचायतों में 31 मार्च तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान विजय पंवार, सुबोध गोयल, इमरान खान, सतपाल राणा, यशवीर रावत, मेधा, कुसुम, अंतरा और प्रद्युम्न समेत कई लोग मौजूद थे।