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Dehradun News: 10 क्लस्टर में समायोजित होंगे चकराता के 14 विद्यालय

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विकासखंड के 14 विद्यालयों को 10 क्लस्टर विद्यालयों में समायोजित करने की तैयारी जोरों पर है। इससे अभिभावक चिंतित हैं। पांच से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित विद्यालयों का समायोजन किया जाना है। अभिभावकों का मानना है कि स्कूलों के कलस्टर विद्यालयों में समायोजन से छात्र-छात्राओं को अधिक भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। इससे उनकी पढ़ाई बाधित होगी। विकासखंड के क्लस्टर विद्यालय पीएम श्री राजकीय इंटर काॅलेज क्वांसी में राजकीय उच्चतर विद्यालय बरोंथा को समायोजित किया जाएगा। इसकी दूरी 12 किलोमीटर है। राजकीय इंटर काॅलेज अटाल में समायोजित किए जाने वाले राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अणु की दूरी नौ किलोमीटर, राजकीय इंटर काॅलेज दसऊ में शामिल होने वाले राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मलेथा की दूरी 13 किलोमीटर और गबेला की दूरी छह किलोमीटर है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटि बावर में समायोजित होने वाले विद्यालय मेंद्रथ की दूरी आठ किमी और दर्मीगाड़ की दूरी 15 किमी, राजकीय इंटर काॅलेज सावड़ा में शामिल होने वाले राजकीय इंटर काॅलेज खरोड़ा की दूरी 12 किमी, राजकीय इंटर कालेज कोटि कनासर में शामिल होने वाले राजकीय इंटर कालेज बिनसोन की दूरी आठ किमी, राजकीय इंटर कालेज कांडोई भरम में समायोजित होने वाले राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोरछा की दूरी सात किमी है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाड़ी में सम्मलित होने वाले राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहारी की दूरी आठ किमी, राजकीय इंटर काॅलेज ग्वांसापुल में शामिल होने वाले राजकीय इंटर काॅलेज चकराता की दूरी 13 किमी, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिंडाल की दूरी 10 किमी, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोग मंझगांव की दूरी 12 किमी है। इसके अलावा राजकीय इंटर काॅलेज मेहरावना में शामिल होने वाले राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैपावटा की दूरी 13 किमी है। पूर्व प्रधान जाड़ी टीकम सिंह चौहान, पूर्व प्रधान मंझगांव सुरेश थपलियाल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख शमशेर सिंह चौहान, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश, अभिभावक अर्जुन दत्त, किशनचंद्र जोशी, विक्रम सिंह, श्याम दत्त, विक्की जोशी, हुकम सिंह, गोविंद वर्मा का कहना है कि क्लस्टर विद्यालयों में समायोजन के बाद छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन 10 से 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। इसके अलावा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए उन्हें सर्दी, गर्मी व बरसात के दिनों में समस्या का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही क्लस्टर विद्यालयों का चयन करना चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी बुशरा ने बताया कि छात्र-छात्राओं को विद्यालयों तक लाने और ले जाने के संबंध में विभाग की ओर से सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है। अभिभावकों की मांग व समस्याओं से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। संवाद
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