सहसपुर विधानसभा क्षेत्र की मिसरास पट्टी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने मतदान किया, लेकिन मतदान का प्रतिशत केवल 13.26 फीसदी रहा। ग्राम प्रधान और कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि 400 से 450 मतदाताओं को असामाजिक तत्वों ने मतदान करने से रोक दिया। एक मतदाता के साथ मारपीट भी कई गई। कई बार पुलिस के अधिकारियों से संपर्क किया गया, पर किसी ने भी फोन नहीं उठाया। वहीं सहायक रिर्टनिंग ऑफिसर का कहना है कि मतदाताओं को रोके जाने संबंधी कोई भी सूचना प्राप्त नहीं हुई।
वर्ष 2019 में ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। इस बार भी मिसरास पट्टी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी, लेकिन जिलाधिकारी सोनिका के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया था। ग्रामीणों ने मतदान करने की शपथ भी ली थी।
शुक्रवार को पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह 7.00 बजे प्राथमिक विद्यालय स्थित मतदान स्थल में मतदान की प्रकिया शुरू हुई, लेकिन शाम 5.00 बजे तक केवल केवल 107 मतदाताओं ने ही मतदान किया। ग्राम पंचायत में मतदाताओं की कुल संख्या 841 है।
ग्राम प्रधान दीवान सिंह पुंडीर ने बताया कि करीब 20-25 असामाजिक तत्वों का एक समूह मतदान केंद्र के आसपास ही घूम रहा था। सुबह करीब 9.00 बजे मसूरी थाना पुलिस भी वापस लौट गई। मतदान स्थल पर केवल पोलिंग पार्टी के साथ आए पुलिसकर्मी थे।
ग्राम प्रधान ने बताया कि करीब 400 से 450 मतदाता मतदान स्थल तक पहुंचे थे। असामाजिक तत्वों ने कई मतदाताओं को वाहनों से उतरने नहीं दिया। कई मतदाताओं को मतदान केंद्र में जाने से रोका गया। एक मतदाता के साथ असामाजिक तत्वों ने मारपीट कर दी।
ग्राम प्रधान ने बताया कि उनके साथ अभद्रता की गई। वह लगातार सीडीओ, एसएसपी कार्यालय और मसूरी थाना में फोन करते रहे। सीडीओ ने पुलिस बल भेजने का आश्वासन दिया, पर कोई नहीं आया। एसएसपी कार्यालय और मसूरी थाना में संपर्क करने पर फोन नहीं उठाया। बताया कि असामाजिक तत्वों के डर के चलते चाहते हुए भी मतदाता मतदान नहीं कर पाए।
चुनाव के विरोध पर भी हम सहमत थे, लेकिन सक्षम अधिकारियों के आश्वासन पर सहमति बन गई थी। मतदाताओं को रोका जा रहा था। मतदान करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। - अभिषेक, मतदाता
जब मतदान पर सहमति बन गई थी तो विरोध नहीं होना चाहिए था। आज कुछ ग्रामीणों ने मतदान का विरोध किया। सहमति के बाद चुनाव में मतदान करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। - प्रवीण, मतदाता
जब सीडीओ ने आश्वासन दे दिया था तो विरोध करना गलत है। विरोध के चलते कई मतदाता अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रह गए। प्रशासन को पुख्ता इंतजाम करना चाहिए था। - दीवान सिंह पुंडीर, ग्राम प्रधान
मिसरास पट्टी में मतदाताओं को रोकने संबंधी कोई सूचना या शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों और पोलिंग टीम से संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है। - स्मृता परमार, सहायक रिर्टनिंग ऑफिसर, सहसपुर