राजधानी में एक परिवार की दो बेटियों को सिंगापुर पढ़ने के लिए भेजने के नाम पर 12.12 लाख रुपये हड़प लिए गए। आरोपियों ने परिवार को उनके वीजा और फीस का लेटर भी दिया, लेकिन जांच में ये फर्जी पाए गए।पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने चंडीगढ़ और पंजाब के तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में इंदिरापुरम के रहने वाले रोहित अरोड़ा उर्फ ट्विंकल अरोड़ा ने एसएसपी को शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि वह वीरेंद्र अरोड़ा उर्फ राणा को 20 सालों से जानते हैं। एक दिन रोहित अरोड़ा ने वीरेंद्र से कहा कि उनकी बेटी सप्लाई चेन मैनेजमेंट का कोर्स सिंगापुर से करना चाहती है। इस पर वीरेंद्र ने उनसे कहा कि उसके सिंगापुर में अच्छे संपर्क हैं। इसके अलावा उसका एक दोस्त है उसकी भी अच्छी जान पहचान है। उसने भरोसा दिलाया कि वह रोहित की बेटी को सिंगापुर के ग्लोबल स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ऑक्टाजोन कॉलेज में दाखिला करवा देगा।वीरेंद्र ने रोहित अरोड़ा से कहा कि उसका एक दोस्त प्रीतपाल सिंह मोहाली पंजाब के सीएएस नगर में रहता है। वह टूर एंड ट्रैवल का काम करता है जो कि उनकी मदद कर देगा। इसके लिए उसने उनकी बेटी के सारे दस्तावेज फोन पर मंगा लिए। पिछले साल सितंबर में व्हाट्सएप के माध्यम से कॉल किया और कहा कि प्रीतपाल देहरादून में अपना ऑफिस खोलना चाहता है। कुछ दिन बाद वीरेंद्र अरोड़ा, प्रीतपाल और एक अन्य रमेश सिंह को लेकर देहरादून पहुंच गया। यहां इन्होंने ऑफिस खोलने के लिए जगह भी देख ली। इसके बाद इन सभी ने रोहित अरोड़ा के भाई की बेटी को भी सिंगापुर भेजने का भरोसा दिया। प्रत्येक का खर्च 6.30 लाख रुपये बताया। इसके बाद रोहित और उनके भाई ने विभिन्न तिथियों मतें 12.12 लाख रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद कॉलेज का फीस लेटर और वीजा भेजा गया। लेकिन, इसमें भी कई तरह का फर्जीवाड़ा किया गया था। इसके पकड़ में आने के बाद उन्होंने वीरेंद्र से संपर्क किया तो वह इधर-उधर की बातें कर टालने लगा। अब उसने पैसे लौटाने से भी साफ इन्कार कर दिया। एसएचओ पटेलनगर हरिओम राज चौहान ने बताया कि मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।