देहरादून। आपदा पीड़ित बच्ची ने नेत्रदान करके नेत्रहीनों की अंधेरी दुनिया को रोशन करने की अलख जगा दी है। प्रदेश में सात-आठ लाख लोग ऐसे हैं जिनकी आंखों को रोशनी की दरकार है। इनमें करीब दो लाख लोग ऐसे हैं जिनकी आंखों में फिर से रोशनी आ सकती है। ये कार्नियल अंधता से पीड़ित हैं। कार्निया की विभिन्न बीमारियों से आंख की रोशनी चली जाती है।
नेत्रदान के बारे में कुछ तथ्य
-आंख की नीली पुतली (आइरिस) के ऊपर की परतों को कार्निया कहते हैं
-व्यक्ति की मौत के छह घंटे के अंदर कार्निया ली जाती है
-कार्निया की पांच परतें होती हैं।
-एक कार्निया से चार रोगी तक लाभान्वित हो सकते हैं
-कार्निया ट्रांसप्लांट के पहले ब्लड ग्रुप आदि की जांच होती है
-जौलीग्रांट में कार्निया ट्रांसप्लांट किया जाता है
-कार्नियल अंधता से पीड़ित रोगियों में 25 फीसदी बच्चे हैं