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दून में ही रहे कृषि निदेशालय

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Dehradun
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देहरादून। कृषि मंत्री हरक सिंह रावत की कृषि निदेशालय को पौड़ी में शिफ्ट करने की घोषणा के बाद भले ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई हो। लेकिन, हरिद्वार जिले के सभी विधायक इस निर्णय के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। कांग्रेस, भाजपा समेत बसपा विधायकों ने एक सुर में कहा है कि राज्य में मैदानी और तराई क्षेत्र कृषि में आगे है। लिहाजा निदेशालय पर्वतीय जिले में बनाया जाना ठीक नहीं है। विधायकों के अनुसार इससे किसानों को तो भारी परेशानियों का सामना करना ही पड़ेगा, विभागीय कार्यों पर भी असर पड़ेगा। विधायकों का कहना है कि राज्य गठन के बाद से ही निदेशालय दून में है और आगे भी यहीं रहना चाहिए। उनका साफ कहना है कि उनके क्षेत्र के किसानों में इस फैसले को लेकर खासी नाराजगी है। पहले भी निदेशालय शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन किसानों के विरोध के चलते इसे बदला गया था। इस बार भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
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किसने क्या कहा
सचिवालय और विधानसभा दून में हैं। निदेशालय अन्यत्र गया तो कृषकों को परेशानी होगी।
-चंद्रशेखर, विधायक ज्वालापुर (भाजपा)

निर्णय पर पुनर्विचार कर कृषि निदेशालय को राजधानी में ही स्थापित रहने दिया जाए।
-हरिदास, विधायक झबरेड़ा (बसपा)

प्रदेश का तराई और मैदानी क्षेत्र कृषि में आगे है, ऐेसे में कृषि पर बुरा असर पड़ेगा।
-सरवत करीम अंसारी, विधायक मंगलौर (बसपा)

निदेशालय पौड़ी गया तो किसानी पर इसका बुरा असर पडे़गा, किसानों को इससे परेशानी होगी।
-आदेश चौहान, विधायक रानीपुर क्षेत्र (भाजपा)

निदेशालय का संचालन दून से होता आ रहा है और यहीं से होते रहना चाहिए।
-स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक हरिद्वार ग्रामीण (भाजपा)

यह ठीक नहीं है, मुख्यमंत्री से निवेदन है कि इस विषय पर अपने स्तर से पुनर्विचार करें।
-संजय गुप्ता, विधायक लक्सर (भाजपा)

किसानों की दिक्कत समझते हुए निदेशालय दून में ही स्थापित रहने दिया जाना चाहिए।
-फुरकान अहमद, संसदीय सचिव एवं विधायक कलियर(कांग्रेस)

किसानों में नाराजगी है, पूर्व में भी इस तरह के निर्णय पर निदेशालय का स्थानांतरण रोका गया था।
-प्रदीप बत्रा, विधायक रुड़की(कांग्रेस)
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