भतीजे को छोड़कर घर लौट रहे बाइक सवार युवक को गोलियों से भून डाला गया। लहूलुहान हालत में युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या से नाराज परिवारीजनों ने नगर कोतवाल व दो सिपाहियों से हाथापाई की। वायरलेस पर सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस को अस्पताल बुलाया गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। हत्या को लेकर ज्ञानीपुर गांव में तनाव व्याप्त है। घटना के पीछे रंजिश का मामला प्रकाश में आया है।
अमेठी जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र के ज्ञानीपुर गांव निवासी अशोक सरोज (35) पुत्र बुदुल सरोज सोमवार को अपने भतीजे संदीप को छोड़ने के लिए बाइक से सुल्तानपुर गया था। भतीजे को छोड़कर देर शाम करीब सवा छह बजे अशोक अकेले ही घर लौट रहा था। ज्ञानीपुर गांव से एक किलोमीटर पहले ही रास्ते में बुधइया गांव के पास घात लगाकर बैठे लोगों ने उसे घेर लिया और असलहों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अशोक के शरीर में 10 गोलियां उतारने के बाद हमलावर फरार हो गए। सूचना के बाद पहुंचे परिवारीजन अशोक को लहूलुहान हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हत्या की सूचना पाते ही नगर कोतवाल वीपी सिंह हमराहियों के साथ अस्पताल पहुंच गए। कोतवाल शव को मर्च्युरी में रखवाने लगे तो परिवारीजन भड़क गए और कोतवाल और दो सिपाहियों से भिड़ गए। स्थिति बिगड़ने पर कोतवाल ने वायरलेस कर अतिरिक्त पुलिस की मांग की। सूचना के बाद सीओ सिटी नवीन कुमार सिंह भी पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंच गए। परिवारीजन बिना शव पोस्टमार्टम कराए घर ले जाने पर आमादा थे। सीओ ने परिवारीजनों को काफी समझाया-बुझाया लेकिन परिवारीजन नहीं मानें।