वक्फ बोर्ड की 430 एकड़ जमीन को डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर शहर के एक युवक के नाम दर्ज करा दिया गया। लंबे समय बाद पत्रावली का अवलोकन करने के दौरान हस्ताक्षर संदिग्ध प्रतीत होने पर जांच की गई। इसमें पूर्व डीएम ने मामला संज्ञान में न होने की बात बताई। कोतवाली पुलिस ने तहरीर मिलने पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है। जिला अल्पसंख्यक कल्यान अधिकारी देवेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अमरिया तहसील क्षेत्र के ग्राम फुलैरिया में वक्फ बोर्ड की 430 एकड़ जमीन है। इसको अप्रैल में शहर के मोहल्ला सरायखाम निवासी तसलीम हसन खां के नाम दर्ज कर दिया गया। इसमें पूर्व डीएम मासूम अली सरवर के हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं। 22 मई को पटल सहायक शाकिर अली द्वारा उनको पत्रावली दी गई। इसका अवलोकन करते वक्त पत्रावली में तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर के हस्ताक्षर पर फर्जी होने का संदेह हुआ। उन्होंने इसकी जानकारी डीएम शीतल वर्मा को दी। डीएम शीतल वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व डीएम मासूम अली सरवर से बात की। उनके पूछने पर तत्कालीन डीएम ने इस तरह के किसी कागजात पर हस्ताक्षर करने से अनभिज्ञता जताई। डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन पर अपना नाम दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए तहरीर कोतवाली पुलिस को भेज दी गई। कोतवाल देश पाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
जमीन को नाम कराने का मामला प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हो रहा है। तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर ने इससे अनिभज्ञता जताई है। स्थिति स्पष्ट न होने के चलते अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।- शीतल वर्मा, डीएम