राज्य कर एवं आबकारी विभाग ऊना के दफ्तर में विजिलेंस ब्यूरो ने छापा मारकर दर्जनों फर्जी चालान पकड़े हैं। विजिलेंस ने दफ्तर से सारा रिकॉर्ड जब्त कर एफआईआर दर्ज कर ली है। ब्यूरो की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एजेंटों, वाहन मालिकों से मिलीभगत कर कर्मचारियों ने सरकार को लाखों का चूना लगाया है। वर्षों से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब कई बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरना तय है।
बताया जा रहा है कि पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगी में गड़बड़झाले की सूचना पर विजिलेंस ने कार्यालय में दबिश दी। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि वाहनों के पैसेंजर गुड्स टैक्स का पैसा मालिकों से तो वसूला गया है, लेकिन सरकार के खाते में बहुत कम जमा किया गया है। एएसपी सागर चंद्र ने बताया विजिलेंस को सूचना मिली थी कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से कई एजेंट व वाहन मालिक सरकार को चूना लगा रहे हैं। जिसके बाद विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज कर दबिश दी।
जांच करने के बाद रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है। एएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के बहुत से चालानों में जालसाजी करके फर्जी चालान कार्यालय के रिकॉर्ड में रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा वाहनों के पैसेंजर गुड्स टैक्स का पैसा वाहन मालिकों से तो वसूला गया है, लेकिन सरकार के खाते में बहुत कम जमा किया गया। यह जालसाजी पिछले कई वर्षों से चल रही थी। एसपी सागर चंद ने बताया कि विजिलेंस की टीम अभी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।