साथ ही फर्जी लेबरों का नाम और हस्ताक्षर बनाकर मस्टररोल तैयार किया गया। इस तरह से लगभग 13.50 लाख रुपये सरकारी धन का गबन कर लिया गया।
वादी मुकदमा जंगल चुड़िया निवासी लल्ली राम ने वर्ष 2007 में चंदौली जिले के चकिया थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश शासन ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, वाराणसी को जांच सौंप दी।
ईओडब्ल्यू वाराणसी ने एक नामजद तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख पति और ठेकेदार शम्भूनाथ यादव सहित इनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख मंजिला देवी, विकास खंड चकिया के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी फूलचंद, ग्राम पंचायत अधिकारी लालजी राम, ग्राम विकास अधिकारी राजेश्वर प्रसाद पाल, तत्कालीन सहायक आंकिक अंजनी कुमार सोनकर और तत्कालीन अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मूलचंद वर्मा के विरुद्ध को अपराध में संलिप्त पाया।