झंगहा इलाके में 27 अक्टूबर को ट्रक चालक से तमंचा सटाकर हुई लूट की घटना का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने दो लुटेरों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, तमंचा और लूट की रकम बरामद कर ली है। रविवार को प्रभारी एसएसपी हेमराज मीणा ने प्रेस कांफ्रेंस में घटना का पर्दाफाश किया।
उन्होंने बताया कि शहर से सटे इलाकों में लूटपाट की वारदातों में शामिल बदमाशों को पुलिस तलाश रही थी। शनिवार दोपहर झंगहा इलाके के दुबियारी में दो बदमाशों के होने की सूचना क्राइम ब्रांच को मिली थी। सीआईयू प्रभारी अनिल उपाध्याय ने झंगहा एसओ राजेश मिश्र से संपर्क कर वाहन चेकिंग शुरू कर दी। इसे देख बाइक सवार दो बदमाश भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। उनके पास से एक बाइक, 47 सौ रुपए नकदी, एक तमंचा और चार कारतूस भी बरामद हुए। पूछताछ में एक की पहचान बांसगांव के घईसरा निवासी कैलाश ढाढ़ी और दूसरे की उपवन सिंह उर्फ जानू सिंह के रूप में हुई।
कैलाश पर दर्ज हैं 40 से ज्यादा मुकदमे
पुलिस का दावा है कि लूट की कई वारदातों में शामिल रहा कैलाश तीन माह पहले जेल से छूटा था। उसके बाद से ही वह गैंग बनाने लगा था। उसके खिलाफ आसपास के जिलों में 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीरनगर सहित कई जिलों के थानों में मुकदमा दर्ज है। उसके सहयोगी उपवन सिंह उर्फ जानू के खिलाफ भी कैंट, गुलरिहा, खोराबार थानों में आठ से अधिक मामले दर्ज हैं। कैलाश और उसके साथी की गिरफ्तारी करने वाले एसओ झंगहा राजेश मिश्रा, एसआई अनिल कुमार उपाध्याय, शेषनाथ यादव, कांस्टेबल मारकंडेय तिवारी, सत्य प्रकाश वर्मा, करुणापति तिवारी, राकेश यादव की टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।