गुरुद्वारा साहिब के सरोवर में डूबे युवकों को बाहर निकालते लोग
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अपनी मां के साथ मत्था टेकने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब आए युवक और उसके दोस्त की सरोवर में डूबने से मौत हो गई। श्रद्धालुओं ने गोते लगाकर पानी में डूबे युवकों को बमुश्किल बाहर निकाला। अस्पताल ले जाए जाने पर चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार को अमावस्या पर गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में लगे एक दिवसीय मेले में बरेली के साठ सदस्यीय श्रद्धालुओं का जत्था भी पहुंचा था। कृष्णानगर वार्ड संख्या सात थाना इज्जतनगर निवासी अमनदीप सिंह उर्फ फतेह (20) पुत्र हरदीप सिंह अपनी मां गुरजीत कौर तथा गायत्रीनगर बरेली निवासी दोस्त मनदीप सिंह (16) पुत्र मनजीत सिंह के साथ आया था। गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेक अरदास करने के बाद वह अपने दोस्त के साथ मेला घूमने और सरोवर में स्नान करने चला आया। उसने अपनी मां से पंजा साहिब के पास मिलने की बात कही। इसके बाद अमनदीप और मनदीप पवित्र सरोवर के उत्तरी छोर पर नहाने चले गए।
बताया जा रहा है कि सरोवर पर तैनात सेवादारों ने वहां नहाने से मना किया, परंतु मनदीप सिंह सरोवर में उतर गया। सीढ़ियों पर जमी काई पर पैर रखते ही वह फिसल गया और पानी में डूबने लगा। यह देख अमनदीप ने भी छलांग लगा दी। अमनदीप को भी तैरना नहीं आता था। युवकों को सरोवर में डूबता देख आसपास के श्रद्धालुओं ने शोर मचाया। पास में ही खड़े कुछ श्रद्धालुओं ने भी सरोवर में छलांग लगा दी। उन्होंने पानी में डूबे मनदीप को डूबने के सात मिनट बाद ही बाहर निकाल लिया। अमनदीप सरोवर तल पर चला गया गया जिस कारण उसे निकालने में लगभग 20 मिनट का समय लगा। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सेवादार तत्काल दोनों युवकों को निजी चिकित्सालय ले गए जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सरोवर में युवकों के डूबने की सूचना दीवान हाल के लाउडस्पीकर से की गई। इसके बाद बरेली से आए श्रद्धालु चिकित्सालय पहुंच गए। सूचना पर मृतक अमनदीप का भाई रमनदीप, गगनदीप तथा पिता हरदीप सिंह और अन्य रिश्तेदार भी मौके वहां पहुंच गए। वहीं, मृतक मनदीप सिंह के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। उसके परिजन बरेली सेे रवाना हो गए हैं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया।