जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर में ग्रामीणों को समझाती पुलिस।
आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव दाउदपुर में शुक्रवार दोपहर प्रतिमा विसर्जन के दौरान आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष की ओर से प्रतिमा के ऊपर फायरिंग कर दी गई, जिससे वो क्षतिग्रस्त हो गई। झड़प के बाद दूसरे पक्ष के लोग और महिलाएं धरने पर बैठ गईं। सूचना पर एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पहुंची कई थानों की पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। प्रतिमा विसर्जन के लिए जाने के बाद छेड़खानी को लेकर गांव में फिर माहौल बिगड़ गया। इसके बाद पुलिस ने गांव के बगीचे में जमा महिला और पुरुषों पर लाठीचार्ज कर दिया। महिलाओं को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ मारपीट कई गई। पुलिस की बर्बर कार्रवाई में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। एसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस के रवैये से गांव में आक्रोश की स्थिति है।
जीयनपुर को कोतवाली क्षेत्र के गांव दाउदपुर में शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। श्रद्धालु गांव में प्रतिमा को घुमा रहे थे। इस दौरान गांव के ही दूसरे समुदाय की ओर से रास्ता न देने पर उनकी तनातनी हो गई। आरोप है कि तनातनी के बीच दूसरे पक्ष की ओर से किसी ने प्रतिमा के ऊपर फायरिंग कर दी, इससे प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। तीखी झड़प शुरू हो गई। प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के विरोध में महिला और पुरुष धरने पर बैठ गए। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस के साथ एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स और क्यूआरटी भी मौके पर पहुंच गई। लोगों को समझा कर प्रतिमा को विसर्जन के लिए गुजारपार भेजा गया।
मामला शांत हो रहा था कि पता चला कि गांव में दूसरे पक्ष ने एक पक्ष की महिलाओं के साथ छेड़खानी कर दी है। इसपुर एसपी अजय साहनी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और बगीचे में बैठे महिला-पुरुषों के ऊपर लाठीचार्ज कर दिया। सभी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और खदेड़ दिया गया। पुलिस ने पत्रकारों के साथ भी मारपीट की। कुछ ही देर में गांव में सन्नाटा पसर गया। लाठीचार्ज में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को जख्मी होने की सूचना है। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस और पीएससी तैनात कर दी गई है। कोतवाल को तीन दिन तक गांव में कैंप करने को कहा गया है।