ट्रांसलेटर की व्यवस्था होने के बाद रेप पीड़ित दिव्यांग दलित किशोरी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए।
जहानाबाद क्षेत्र के एक गांव के दलित मजदूर ने दो जुलाई को हरचरन के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट एसपी के आदेश पर दर्ज की गई थी। आरोप था कि 24 जून को मजदूर की दिव्यांग नाबालिग बेटी के साथ हरचचरन ने दुराचार किया था। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण और एक्स-रे कराने के बाद तीन दिन पहले बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट भेजा था। मूक बधिर होने के कारण किशोरी इशारों से घटना बयां कर रही थी, इससे कोर्ट को बयान दर्ज करने में दिक्कत आई। इस पर कोर्ट ने ट्रांसलेटर की व्यवस्था करने का आदेश दिया। इसके बाद सीओ जहानाबाद जगतराम जोशी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर बीएसए कंपाउंड में चल रहे एसीलरेटेड लर्निंग कैंप (दिव्यांग बच्चों के स्कूल) से एक शिक्षक को बुलाया। शुक्रवार को उसे ट्रांसलेटर के तौर पर कोर्ट में ले जाकर किशोरी के बयान दर्ज कराए गए। सीओ ने बताया कि अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।