सौरिख (कन्नौज)।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एनसीसी प्लांट के पास तेज रफ्तार कार का अगला टायर फट गया, जिससे वह पलट गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को राजकीय मेडीकल कालेज तिर्वा में भर्ती कराया गया है। कार सवार लोग मुंबई से लखनऊ होकर अजमेर शरीफ जियारत करने जा रहे थे।
मंगलवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एनसीसी प्लांट के पास आगरा की ओर जा रही क्वालिस गाड़ी का अगला टायर फटने से वह पलट गई। हादसे में कार पर सवार मुंबई के 8/216 मानखुर्द महाराष्ट्रनगर निवासी दिलशाद बेगम (45) पत्नी नासिर शेख की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक अब्दुल सत्तार पुत्र मो.इब्राहिम, फरजाना पत्नी अब्दुल सत्तार, गोंडा निवासी अनीस बेगम पत्नी सलीम शेख, शब्बो पुत्री अब्दुल सत्तार, सायरा खातून पत्नी अब्दुल कयूम, जमाल पुत्र अमावस अली, मोहित पुत्र साजिद खिरगी व अहद पुत्र अब्दुल कयूम घायल हो गए।
सूचना पाकर एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा रिफर कर दिया गया। कार सवार लोगों ने बताया कि वे लोग मुंबई के रहने वाले हैं और गोंडा में रिश्तेदारी है।
सभी लोग गोंडा से लखनऊ होकर अजमेर शरीफ जा रहे थे। कार का टायर फटने से यह हादसा हो गया। थानाध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सूचना पाकर गोंडा और लखनऊ से भी मृतका और घायलों के रिश्तेदार भी मेडीकल कालेज पहुंच रहे हैं।
मन्नत पूरी होने पर अजमेर शरीफ जा रहा था परिवार
सौरिख। गोंडा निवासी सलीम शेख की पत्नी अनीस बेगम ने पिछली साल अजमेर शरीफ ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर मन्नत मांगी थी। परिजनों के मुताबिक मन्नत पूरी होने पर अनीस ने मुंबई से अपनी बहन दिलशाद बेगम को भी बुला लिया था। इसके अलावा उनकी एक बहन सायरा खातून भी उनके साथ थी। पूरा परिवार पहले लखनऊ आया, फिर क्वालिस गाड़ी से अजमेर शरीफ के लिए रवाना हुआ। उनके साथ बच्चे भी थे, जैसे ही कार सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम नगला कन्हई के सामने पहुंची, तभी कार का अगला टायर फट गया और चालक अब्दुल सत्तार नियंत्रण खो बैठा। डिवाइडर से टकराने के बाद कार ने तीन पलटे खाए और एक्सप्रेस-वे की रेलिंग से जा टकराई। एनसीसी प्लांट के कर्मचारियों के मुताबिक दिलशाद बेगम खिड़की के पास बैठी थीं। इस वजह से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
एक्सप्रेस-वे पर साल भर में हुई 70 मौतें
सौरिख। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पिछले एक साल के दौरान अब तक छोटे-बड़े 300 से अधिक हादसे हो चुके हैं, जिसमें 70 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 450 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं। कार्यदायी संस्था एनसीसी के परियोजना प्रबंधक शिवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सौरिख क्षेत्र आगरा और लखनऊ के मध्य में पड़ता है। अच्छी सड़क होने की वजह से लोग स्पीड में चलते हैं, जबकि गाडिय़ों के टायर अधिकतर कमजोर होते हैं। अभी तक जितने भी हादसे हुए हैं, उसमें दो मुख्य वजह रहीं। पहला गाड़ियों के टायर कमजोर होना तो दूसरी स्पीड अधिक होना। लोगों को चाहिए कि वह एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने से पहले अपनी कार के टायरों को भलीभांति चेक कर लें। एक्सप्रेस-वे पर अंकित स्पीड बोर्ड को देखकर ही गाड़ी चलाने से यात्रा सुरक्षित होगी।