पुलिस की हिरासत में वाहन चोर गिरोह के सदस्य। अमर उजाला
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सैफई थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार देर शाम को मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी की तीन लग्जरी कारों के अलावा असलाह भी मिले हैं। कारें कानपुर के अलावा दिल्ली से चुराई गई थीं।
प्रभारी निरीक्षक सैफई महेश वीर सिंह को मुखबिर ने सूचना दी कि वाहन चोर गिरोह के कुछ बदमाश चोरी की कारों को बेचने की फिराक में हैं। वे इटावा से करहल की ओर जाने वाले हैं। सैफई पुलिस और क्राइम ब्रांच प्रभारी सत्येंद्र यादव की टीम ने करहल चौराहे के पास चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान इटावा की ओर से तीन कारों की लाइटें दिखाई दीं। पुलिस ने जब कारों को रुकने का इशारा किया चालकों ने रफ्तार बढ़ा ली। लेकिन पहले से सतर्क पुलिस ने घेरा बंदी कर कार सवार लोगों को पकड़ लिया। जांच में बदमाश कार के कागजात भी नहीं दिखा सके।
संदेह होने पर पुलिस पकडे़ गए तीनों को थाने लाई और पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि तीनों बदमाश ने स्वीकारा है कि तीनों कार चोरी की हैं और वे इन्हें बेचने के लिए जा रहे थे। बदमाशों के पास से तीन तमंचा व कारतूस भी बरामद हुए हैं। बदमाशों की पहचान आरिफ पुत्र मुन्ना खां, आसिफ पुत्र साबिर निवासी जसराना जिला फिरोजाबाद और अमन यादव पुत्र उमाश्ंाकर यादव निवासी कोटला फिरोजाबाद बताया है।
बदमाशों ने बताया कि उन्हाेंने एक कार को नौबस्ता कानपुर, सफारी कार को किदवई नगर कानपुर और तीसरी कार को दिल्ली से चुराया था।सीओ सैफई निर्मल चंद्र विष्ट ने बताया कि पकडे़ गए शातिर चोर हैं। उनका मुख्य काम कारों को चुरा कर बेचना है। उनके खिलाफ कानपुर में मामले दर्ज हैं। बदमाशों ने साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
सीओ सैफई निर्मल चंद्र विष्ट ने बताया कि गिरोह के सदस्य इटावा के अलावा आसपास के जिलों से वाहनों की चोरी करते हैं। उसके बाद कारों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कार को चलाते हैं। उसी के आधार पर ग्राहकों को सस्ते दामों पर बेच देते हैं।