नवाबगंज।
गांव देवरनियां जागीर में आग से दोनों बहनें फिजा और गुलशन बुरी तरह से झुलस गईं। उनके बिस्तर के साथ ही आधी से अधिक चारपाई तक जल गई थी। बिस्तर पर पेट्रोल डालने के बाद अपने आप को आग से बचाए रखने के लिए दरिंदों ने अपने को आग के लपेटे में आने से बचाने को एक डंडे में कपड़ा लपेट कर मशाल बनाकर आग लगाई थी और अधजली मशाल पेट्रोल से खाली कोल्डड्रिंक की बड़ी बोतल आंगन में फेंक कर भाग गए। कुछ पेट्रोल आंगन में पड़े होने की भी गंद आ रही थी। दरिंदे बोतल फेंकने के बाद मजदूर की दीवार कूदकर भाग गए। उनकी हड़बड़ाहट से दीवार की कई ईंटें भी गिर गईं।
जान बचाने को कमरे से भागी जलती गुलशन नल पर लेट गई, फिजा आंगन में लोटती रही
क्षेत्र के गांव देवरनियां जागीर निवासी नसरुद्दीन मजदूरी करके परिवार पालते हैं और गरीबी के कारण वह अपने सरकारी आवास व बाहर की चहारदीवारी में दरवाजे भी नहीं लगवा सके हैं। उनकी पांच पुत्रियां खुशनुमा, गुलशन (19), निशा (17), फिजा (15), मुस्कान (11) और दो पुत्र साहिल (5 ) व फैज (4)वर्ष हैं। नसरूद्दीन बड़ी बेटी खुशनुमा का निकाह कर चुके हैं, जबकि बाकी के सभी बच्चे अविवाहित हैं। बृहस्पतिवार रात पूरा परिवार घरेलू काम से निपटकर सो गया। एक कमरे में नसरुद्दीन अपने बेटे साहिल के साथ व दूसरे कमरे में एक चारपाई पर फिजा व गुलशन तो बराबर में पड़ी चौकी पर नसरुद्दीन की पत्नी नत्थो बेटी मुस्कान व बेटे फैज के साथ सोई हुई थी जबकि निशा रिश्तेदारी में गई हुई थी। धूप न निकलने की वजह से सोलर पैनल चार्ज न नहीं हो सका। इसीलिए घर में अंधेरा था। रात पौने दो बजे चारपाई पर आग की लपटें उठने पर आग से घिरीं फिजा व गुलशन जैसे -तैसे कमरे से निकल कर भागीं और गुलशन नल पर जाकर लेट गई और उसके पिता ने आग बुझाने के लिए नल से पानी चला दिया तो फिजा बाहर निकल कर आंगन में लोटपोट होकर आग बुझाने का प्रयास करने लगी लेकिन आंगन गीला होने के कारण आग बुझते-बुझते काफी झुलस गई और वह चिल्लाते हुए सामने के अपने मामा मुख्तयार के घर में घुस गई। जबकि गुलशन की हालत कुछ अधिक ही बिगड़ गई। आग बुझाने में नसरुद्दीन के हाथ भी झुलस गए।
तीन टीमें लगाईं खुलासे को
शुक्रवार को एसएसपी जोगेंद्र सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को खुलासे के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने बताया कि मामले में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना के खुलासे के लिए थाना पुलिस के अलावा सीओ और एसपी क्राइम के नेतृत्व में दो टीमें लगाई गई हैं।
पीड़िता बोली- हमारी किसी से रंजिश नहीं
जिला अस्पताल में भर्ती गंभीर रूप से झुलसी गुलशन तो कुछ भी बताने में असमर्थ थी, जबकि फिजा कुछ बोल रही थी। फिजा ने बताया कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। वह गांव में स्थित जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ती है। उसकी बहन कारचोबी का काम करती है। रात में वह बेखबर सो रही थीं और कोई उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा गया। यही उनकी मां नत्थो का भी कहना था। महिला ने बताया कि उसके बराबर वाली चारपाई पर दोनों बहनें एक साथ सो रही थीं। कमरे में दरवाजा न होने के कारण कोई उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा गया। चीख सुनने पर वह जागी तो लड़कियां जल रही थीं। जैसे तैसे करके आग बुझाई और लड़कियों को अस्पताल तक पहुंचाया।
डाग स्क्वाड ने भी की मौके पर पहुंचकर की छानबीन
नवाबगंज। गांव देवरनियां जागीर की दो बहनों को पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह एसएसपी जोगिंदर सिंह, एसपी क्राइम के साथ ही सीओ विजय प्रताप यादव व कोतवाल गणेश दत्त जोशी ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
इसके साथ ही डाग स्क्वाड की टीम ने भी छानबीन की। खोजी कुत्ता घटना स्थल से दक्षिण की ओर पूर्व प्रधान सुखलाल के आवास के पास तक होकर लौटा और दोबारा में पश्चिम की ओर दोराहे तक होकर लौट आया। जिससे कोई विशेष क्लू हाथ नहीं लग सका और अधिकारी भी वापस हो गए।