दो साल से लगातार फसल बर्बाद होने के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुवार सुबह उसका शव घर से कुछ दूरी पर स्थित एक बाग में पेड़ से लटकता मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजनों में रोना पीटना मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार अकबरपुर थाना क्षेत्र की ग्रामसभा जमुनीपुर के विक्रमपुर गांव के कुछ लोग गुरुवार सुबह बाग की तरफ गए। वहां आम के पेड़ से एक युवक का शव रस्सी के सहारे लटक मिलता। निकट जाने पर उसकी पहचान इसी गांव निवासी जितेंद्र (34) पुत्र रामकलप के रूप में हुई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। रोते पीटते परिवारीजन भी वहां गए। इस बीच सूचना मिलने पर अकबरपुर पुलिस भी मौके पर पहुच गई।
ग्रामीणोें की मदद से शव को नीचे उतारव कर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जितेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह अपनी इकलौती पुत्री व पत्नी के साथ परिवार से अलग रहता था। पत्नी माधुरी ने बताया कि बीते दो वर्ष से लगातार फसल चौपट हो रही थी। इससे घर में आर्थिक तंगी उत्पन्न हो गई थी। उसे एक 4 वर्ष की पुत्री है।
इधर-उधर से कर्ज लेकर व मेहनत मजदूरी कर किसी प्रकार घर का खर्च चल रहा था। पत्नी ने बताया कि उन्हें गत वर्ष लोहिया आवास का लाभ मिला था, लेकिन अब तक भवन का निर्माण नहीं हो पूरा हो सका था। जिन लोगों ने कर्ज दिया था, वे अपना पैसा वापस मांग रहे थे। केसीसी का भी बकाया उसके ऊपर था। कर्ज के चलते वह कुछ दिनों से काफी परेशान था।
पत्नी के अनुसार बुधवार देर शाम खाना खाने के बाद वह घर से बाहर चला गया। देर रात तक जब वापस घर नहीं लौटा, तो चिंता सताने लगी। काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। गुरुवार सुबह उसका शव पेड़ से लटकता मिला। अकबरपुर कोतवाली प्रभारी मनोज पंत ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।