पिता द्वारा मारे गए सुरजीत की फाइल फोटो
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फर्रुखाबाद के थाना मोहम्मदाबाद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां के गांव भवानी नगला में मंगलवार की रात रिटायर्ड फौजी ने अपने इकलौते बेटे का सिर गोलियों से उड़ा दिया। गिरफ्तारी के डर से पिता अभी भी फरार है। बाप-बेटे के बीच झगड़े की वजह काम पर न जाना बताई जा रही है।
भवानीपुर गांव निवासी रिटायर्ड फौजी रामदास का बेटा सुरजीत (32) गैसिंगपुर गैस प्लांट में ट्रक चलाने का काम करता था। पिछले कई दिनों से वह काम पर नहीं जा रहा था। इसको लेकर सुरजीत का पिता रामदास से मंगलवार की देर रात विवाद हो गया। पहले सुरजीत ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। आनन-फानन चाचा चंद्रमोहन प्रजापति ने किसी तरह उसे बचा लिया। इसके बाद पिता रामदास से फिर सुरजीत की गालीगलौज शुरू होने लगी। रामदास अपनी लाइसेंस बंदूक लेकर घर की छत पर चढ़ गया और ललकारते हुए अपने बेटे को छत पर बुलाया। सुरजीत के आते ही रामदास ने फायरिंग करना शुरू कर दिया। इस बीच एक गोली सुरजीत की छाती पर लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद भी गुस्से में पागल हुए रामदास का जी नहीं भरा और उसने बंदूक की नाल अपने बेटे के सिर पर रखकर फायर कर दिया जिससे सुरजीत के सिर के चीथड़े-चीथड़े उड़ गये। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सुरजीत के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। सुरजीत की पत्नी सुधा की तहरीर पर रामदास के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार हत्यारे पिता की तलाश की जा रही है।