चित्रकूट। नाबालिग को घर में कैद कर दुष्कर्म मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए को दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 15 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी देय होगा।
अपर सत्र न्यायालय के अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि चार अप्रैल 2014 को पहाड़ी थाने के चौरा निवासी ने गांव के ही कुन्नू उर्फ सरदार आरख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप था कि उसकी नाबालिग पुत्री को शौच क्रिया के लिए जाते समय रास्ते में पकड़कर दवा सुंघाई और फिर अपने घर के कमरे में बंधक बनाकर रातभर दुष्कर्म किया। सुबह किसी तरह बचकर घर पहुंची पुत्री ने घटना की जानकारी दी तब परिजनों ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जेल भेजा था।
मंगलवार को इसी मामले में अपर सत्र न्यायाधीश लालचंद्र पांडेय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी को दस साल की कैद व 15 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।