झांसी। कारोबारी संजय वर्मा की गाड़ी पर फायरिंग करने वाले बदमाश अलीगढ़ में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस के हाथ लग गए। पूछताछ में पता चला दिल्ली के पारस गैंग ने वर्मा को मारने के लिए बीस लाख रुपये की सुपारी ली थी। मुठभेड़ में घायल बदमाशों का अलीगढ़ के जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। देर रात झांसी की पुलिस टीम बदमाशों से पूछताछ में जुटी रही।
21 जुलाई की दोपहर कोतवाली के बड़ाबाजार स्थित वासुदेव इलाके में रहने वाले कारोबारी संजय वर्मा न्यायालय में तारीख पर गए थे। लौटते वक्त कचहरी चौराहा से चंद कदम आगे निकलते ही बाइक सवार बदमाश उन पर पिस्टल से कई राउंड फायरिंग कर भाग निकले थे। घटना में गोली लगने से सुरक्षागार्ड जय उर्फ विकास (22) की मौत हो गई थी। जबकि, संजय वर्मा समेत दो सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गए थे। बदमाशों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।
इसी बीच अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी आपराधिक घटना होने की सूचना मिली। जिस पर टप्पल पुलिस ने ग्राम बैना स्थित जयपाल सिंह के मकान के सामने से सोनीपत (हरियाणा) निवासी सागर राना, मथुरा के रोहित जाट उर्फ रोहिताश, अलीगढ़ के टिंकू उर्फ पूरन और अशोक को गिरफ्तार किया।
बताया गया है कि झांसी के कुख्यात बदमाश सरदार सिंह गुर्जर ने अपने भतीजे की हत्या का बदला लेने के लिए संजय वर्मा की हत्या की साजिश रची। रोहित जाट और सागर राना के दो अन्य साथी पटवारी उर्फ धांधो व मांगे उर्फ सनम अभी फरार चल रहे हैं।