देश और विश्वव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद भी महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी नहीं आ रही है। मंगलवार को भी ऐसा ही मामला महानगर में भी सामने आया। रिपोर्ट न लिखे जाने से क्षुब्ध दुष्कर्म पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय में शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। इससे पहले वह खुद को फूंकती, वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। एसएसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए हैं।
थाना नवाबाद क्षेत्र की रहने वाली महिला के मुताबिक पति से उसका विवाद चल रहा है। उसकी चार साल की बेटी है। भरण-पोषण के लिए वह नौकरी की तलाश में थी। इसी बीच 23 मार्च को पड़ोसी जितेंद्र कुशवाहा घर आया और पानीपत में नौकरी पक्की करवाने की बात कही। कहा कि इंटरव्यू देने के लिए पानीपत चलना होगा। वह बेटी को लेकर पानीपत चली गई, जहां उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहां पड़ोसी ने उसके साथ गलत काम किया। वह किसी तरह बचकर झांसी आई और परिजनों को घटना के बारे में बताया, लेकिन उन्होंने मदद करने से इंकार कर दिया। 21 अप्रैल को पुलिस के पास रिपोर्ट लिखाने पहुंची, लेकिन वहां बेइज्जत कर भगा दिया गया। परिजन उसको घर में रखने को तैयार नहीं हैं। तीन दिन से वह यहां-वहां मदद के लिए भटक रही है। एसएसपी ने उसे मदद का आश्वासन देकर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पर जाने को कहा।
बताया जाता है कि यहां भी कोई मदद की उम्मीद न देख महिला एसएसपी कार्यालय के पोर्च में आकर खड़ी हो गई और कुछ देर में ही उसने प्लास्टिक की बोतल में भरकर लाए मिट्टी के तेल को खुद पर उडे़ल लिया। यह देख आसपास खड़े पुलिस कर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। महिला सिपाही के आने का इंतजार हो रहा था, लेकिन तभी उसने माचिस निकाल कर खुद को फूंकने का प्रयास किया। गनीमत रही कि उसे तुरंत की पकड़ लिया गया। महिला को कार्यालय के अंदर ले लाया गया, वहां वह गश खाकर गिर गई। बाद में एसपी सिटी देवेश कुमार पांडे ने महिला से शिकायती पत्र के आधार पर संबंधित आरोपी के बारे में जानकारी हासिल की।
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रिपोर्ट के आदेश दे दिए थे
महिला के शिकायती पत्र देने पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश पहले ही दे दिए थे। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विनोद कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक