देवरिया। रामपुर कारखाना इलाके के हरैया में एक मदरसा शिक्षक पर दलित बच्चियों से दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप है। विवाद में हियुवा नेताओं की दखलंदाजी से मामला गर्म हो गया, जिससे गांव में तनाव है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंप दी गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर हियुवा अड़ी है।
तीन बच्चियां बुधवार को खेत की तरफ गई थी। वे दोपहर को हैंडपंप से पानी पीने के लिए मदरसे के पास पहुंची। बच्चियां हैंडपंप के बगल में रखी गिट्टी को फेंकने लगी। बीच्चयों की शरारत देख मदरसा के एक शिक्षक ने मना किया। आरोप है कि शिक्षक ने बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार कर मारपीट की। जानकारी होने पर गांव के कई लोग पहुंचे।
इस बीच शिक्षक ने भी फोन कर कई लोगों को बुला लिया। बताते हैं कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। बच्चियों के तरफ से थाने में तहरीर दी गई। उस वक्त एसपी मोहम्मद इमरान भी थाने में मौजूद थे। वे पशु तस्करों से पूछताछ कर रहे थे। बुधवार को गांव का एक व्यक्ति मजदूरी करने जा रहा था। शिक्षक पक्ष के तीन युवकों ने उसके साथ मारपीट की। मौके पर पंहुचे हियुवा के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया।
मदरसा के शिक्षक के पक्ष के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जिद करने लगे। धीरे धीरे मामला सांप्रदायिक रंग में बदलने लगा। तब पुलिस सक्रिय हुई। एएसपी एनके सिंह,सीओ सिटी सुशील सिंह और मुकामी थाने के एसओ भी गांव में पंहुच गए। इधर हियुवा नेता नीरज शाही के घर बैठक कर घटना के विरोध की रणनीति पर चर्चा हुई। दलित बच्चियों के साथ हुए दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना की निंदा की गई।
नीरज शाही ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो हिंदू पंचातय बुलाई जाएगी। बैठक में जिलाध्यक्ष मुन्ना राय भी मौजूद थे। एसओ मृत्यंजय पाठक ने कहा है कि कुछ लोग बिना वजह मामले को तूल दे रहे हैं। घटना की जांच उच्चाधिकारियों ने की है।