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असलहे के बल पर नकदी, जेवर लूटे

Mon, 08 Oct 2018 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
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बहजोई। नकाबपोश बदमाश परिजनों को असलहे के बल पर बंधक बनाकर सवा छह लाख रुपये और ढाई लाख जेवर लूट ले गए। करीब डेढ़ घंटे तक लूटपाट करने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। इसके बाद घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारियों ने पूरी घटना की बारीकी से जांच-पड़ताल की।

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शनिवार की रात नकाबपोश बदमाशों ने एनएच पर स्थित बुजुर्ग नवाब जान के घर पर धावा बोल दिया। घर में घुसे बदमाशों ने असलहे के बल पर सवा छह लाख रुपये और ढाई लाख के जेवर लूट लिए। गृहस्वामी ने बताया कि रात में घर के सभी लोग सोए थे। वह बरामदे में थे। दूसरे सदस्य दूसरे कमरे में थे। तभी रात सवा दो बजे करीब सीढ़ियों के रास्ते छत से कुछ बदमाश घर में घुस आए और उसकी चारपाई के पास खड़े होकर उसे जगाया। उसने आंख खोली तो मारे डर के उसके होश-फाख्ता हो गए। पास में ही कई बदमाश हाथ में तमंचे व छुरा लेकर खड़े थे। एक बदमाश ने उसे असलहे के बल पर उनसे चारपाई से खड़े होने को कहा। वह चारपाई से खड़ा हो गया। बदमाशों की संख्या छह थी। इसके बाद बदमाश ने पास ही एक कमरे की ओर इशारा किया और वह कमरे की ओर चल दिया। इसके बाद कमरे में ले जाकर बदमाशों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए। 
यही हाल बदमाशों ने घर के दूसरे सदस्यों को जगाकर किया। इसके बाद एक बदमाश तमंचा लिए खड़ा रहा। बाकी बदमाशों ने कमरों में घुसकर खंगाला किया। इस बीच बदमाश करीब सवा छह लाख रुपये की नकदी व उसकी बेटी गुलनिशां के ढाई लाख रुपये के जेवर ले लिए। करीब डेढ़ घंटे तक लूटपाट करने के बाद बदमाश सुबह करीब पौने चार बजे छत के रास्ते से ही घर से चले गए। एक बदमाश बाहर मेन गेट के रास्ते से गया। बुजुर्ग के मुताबिक बीते दिनों कुछ जमीन बेची थी। इसी के रुपये घर मेें रखे थे, जो कि बदमाश लूट ले गए।  जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय व सीओ डा. केके सरोज भी मौके पर पहुंचे और जांच - पड़ताल करते हुए परिजनों से घटना की जानकारी ली। घटना को पुलिस ने चोरी में दर्ज किया है। 
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कोतवाल अमित कुमार ने बताया कि घटना फर्जी है। जांच-पड़ताल में सामने आया कि गृह स्वामी ने ढाई साल पहले अपने एक रिश्तेदार से पांच लाख रुपये उधार लिए थे। तब से यह अपने रिश्तेदार का कर्ज चुका नहीं पाया था। अब बीते दिनों जमीन बेची तो रुपये देने से टाल-मटोल करने के बाद गृहस्वामी की ओर से अब यह लूटपाट की फर्जी घटना रची गई है।

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