उत्तराखंड के चंपावत वन प्रभाग में वन कर्मी ने मां पूर्णागिरि मेले में परिजनों से भटकी नवविवाहिता को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
पुलिस ने आरोपी वन कर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। महिला और आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, घटना से पुलिस और मेला प्रशासन में खासा हड़कंप मचा है।
पुलिस के मुताबिक शाहजहांपुर जिले के एक गांव की नवविवाहिता अपने पति, ससुर और जेठ के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए शनिवार रात यहां पहुंची थी। टनकपुर से ठुलीगाड़ पहुंचने के बाद आगे के पैदल मार्ग पर पति-पत्नी साथ आए ससुर और जेठ से बिछड़ गए।
भैरव मंदिर के पास स्थित वन विभाग की चौकी के पास रात करीब 11 बजे सड़क किनारे पैराफिट में बैठकर जब पति-पत्नी परिजनों से बिछड़ने पर रोने लगे तो वन चौकी में मौजूद चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज के जड़ियाखाल बीट में तैनात अल्मोड़ा जिले के मिरौली लमगड़ा निवासी बीट रक्षक अमर सिंह (52) ने पहले तो उनके पास जाकर रोने की वजह पूछी और फिर बिछड़े परिजनों को सुबह मिलाने का भरोसा देकर उन्हें वन चौकी में सोने के लिए जगह दी।
रात करीब साढ़े बारह बजे पति-पत्नी के सोने पर वह उनके कमरे में घुसा और महिला का मुंह दबाकर उसे हवस का शिकार बना डाला। इसी बीच, महिला के पति की नींद टूटी तो उसने पहले पत्नी के साथ दुराचार कर रहे वन कर्मी को उठाकर पटका और फिर पति-पत्नी ने भैरव मंदिर पुलिस चौकी जाकर पुलिस को घटना के बारे में बताया।