doctors treating prisoner at hospital
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ने सिपाही की पिटाई से क्षुब्ध होकर अपने गले में ब्लेड मार ली। कैदी को लहूलुहान देखकर बंदी रक्षकों के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे जेल अस्पताल ले जाया गया। यहां से उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कानपुर के बिरहाना रोड निवासी अशोक शर्मा पुत्र शंकरलाल को कानपुर में हत्या और डकैती के एक मामले में आजीवन कारावास हुआ था। वह सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में सजा काट रहा है। अशोक शर्मा को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। सोमवार को जेल प्रशासन को सूचना मिली कि अशोक के पास मोबाइल है। इस पर बंदी रक्षकों ने कैदियों की तलाशी लेनी शुरू की। तलाशी में अशोक के पास मोबाइल मिलने पर उससे पूछताछ हुई। इस दौरान बंदी रक्षकों ने अशोक के साथ मारपीट कर दी। इसी बीच अशोक ने ब्लेड से अपने गले पर वार कर लिया। कैदी को लहूलुहान देखकर बंदी रक्षकों के होश उड़ गए। इसकी सूचना जेल के डॉक्टर नीरज कुमार को दी। कैदी का जेल अस्पताल में प्राथमिक इलाज किया गया। इसके बाद डॉक्टर नीरज और फार्मासिस्ट शैलेंद्र वर्मा बंदी रक्षक ओमपाल सिंह के साथ कैदी को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे। यहां पर डॉक्टर राजकिशोर ने व सर्जन डॉक्टर गौरव मिश्रा ने उसका इलाज किया। सर्जन ने बताया कि बाएं गर्दन की ओर 16 सेंटीमीटर कटने का निशान है। कैदी की हालत खतर से बाहर है।
कैदी ने आरोप लगाया कि तीन महीना पूर्व उसने एक सिपाही से तीन हजार रुपये में मोबाइल मंगवाया था। आरोप लगाया कि मोबाइल रखने के एवज में सिपाही हर महा एक हजार रुपये मांगने लगा। सोमवार को जब उसने रुपये देने से मना किया तो उसके साथ मारपीट कर दी। इससे क्षुब्ध होकर उसने खुद को ब्लेड से घायल कर लिया। डीआईजी जेल वेदप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि हर बंदी पकड़े जाने पर पैसे मांगने की बात करता है। आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वह मामले की जांच कराएंगे। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद। थाना कमालगंज के गांव कतरौली पट्टी निवासी बेचेलाल ने आरोप लगाया कि उसका बेटा धर्मेंद्र भी उसी बैरक में सजा काट रहा है। उसने बताया कि जब कभी कैदी किसी बात को लेकर विरोध करते हैं, तो जेल प्रशासन उन्हें किसी न किसी मामले में फंसाने की धमकी देकर चुप करा देता है। उसने बताया कि जेल में बंदी रक्षकों कैदियों व बंदियों से मनमानी करते हैं। ब्यूरो