सीआईए-2 पुलिस ने समालखा की सीताराम कॉलोनी में एक व्यक्ति को एक करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी के साथ काबू किया है। आरोपी पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलने के लिए किसी का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी से मिले दो बैगों से एक-एक हजार रुपये की 80 और पांच-पांच सौ रुपये की 40 गड्डियां बरामद की हैं। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान गिरोह के सरगना समेत अन्य साथियों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस की प्राथमिक जांच में पानीपत के एक नामी व्यक्ति के शामिल होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने पूरे मामले के बारे में आयकर विभाग अधिकारियों को सूचित किया।
डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन ने मंगलवार को लघु सचिवालय के तृतीय तल स्थित कांफ्रेंस हाल में बताया कि सीआईए-टू में तैनात एएसआई मनोज कुमार, सिपाही पुनीत, सिपाही संदीप कुमार ने सोमवार शाम को एक शिकायत पर सीताराम कॉलोनी, समालखा में छापा मारा। वहां गांव दातौली, गन्नौर, सोनीपत निवासी अरविंद दो बैग के साथ मिला। तलाशी में बैग से एक करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी मिली। इस पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। रिमांड के दौरान गिरोह के सरगना समेत अन्य साथियों के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस पुरानी करेंसी एक्सचेंज करने वालों के बारे में भी पता लगा रही है।
यह है वास्तविक मामला
डीएसपी दूहन के अनुसार एल्डिगो निवासी ओमप्रकाश जिंदल ने 18 अप्रैल 2017 को थाना सदर पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें कहा था कि वह एक मकान खरीदना चाहता था। गांव दातौली, गन्नौर निवासी अरविंद, गांव खेड़ी दहिया, सोनीपत निवासी नरेश और दो अन्य ने 17 फरवरी 2017 को गुड़ मंडी पानीपत में एक कोठी दिखाई। आरोपियों ने उसे बताया कि यह मकान उनके रिश्तेदारों का है। वे इसे बेचना चाहते हैं। मामला दो करोड़ रुपये में तय हुआ। ओमप्रकाश ने बताया कि उसने 18 फरवरी को 61 लाख रुपये देते हुए बयाना लिखवाने की बात कही। इस पर आरोपियों ने दो दिन बाद बयाना लिखवाने की बात कह दी। इसके बाद जब भी उसने बयाना लिखवाने की बात कही तो आरोपी टल देते। शक होने पर उसने थाना सदर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने दो नामजद समेत चार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। आरोपियों का पता न लगने पर जांच सीआईए-2 को सौंप दी गई। इस मामले की जांच करने के दौरान ही पुलिस समालखा की सीताराम कॉलोनी पहुंची थी।
61 लाख की ठगी में मिलने थे पांच लाख
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह प्रॉपर्टी का काम करता है। एल्डिगो निवासी ओमप्रकाश जिंदल से किसी अन्य की कोठी दिखाकर 61 लाख रुपये की ठगी की थी। इसमें से उसे पांच लाख रुपये आने थे। शेष राशि गिरोह के सरगना और अन्य सदस्यों में बांटी जानी थी।
13 लाख रुपये में एक्सचेंज होनी थी एक करोड़ की पुरानी करेंसी
आरोपी ने बताया कि वह एक करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी को बदलवाने के लिए सीताराम कॉलोनी, समालखा में किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहा था। इसके बदले मेें उसे 13 लाख रुपये की नई करेंसी मिलनी थी। व्यक्ति के आने से पहले ही पुलिस ने दबोच लिया। सीआईए-टू टीम का कहना है कि उन्होंने करेंसी एक्सचेंज करने वाले का इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आया।
दिल्ली-मुंबई से जुड़े हो सकते हैं तार
पुलिस ने बताया कि अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि पुरानी करेंसी को एक्सचेंज करने के लिए आना वाला व्यक्ति दिल्ली से था। दिल्ली में पुरानी करेंसी अभी भी भारी मात्रा में हैं। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि पुरानी करेंसी के खेल में शामिल गिरोह के सदस्यों के तार दिल्ली-मुंबई से जड़े हो सकते हैं।
नोट बंदी के बाद बनाया था गिरोह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट की करेंसी को बैन कर दिया था। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद ही इन लोगों ने एक गिरोह बनाया था। जो मोटा मार्जिन लेकर पुरानी करेंसी को नई करेंसी में एक्सचेंज करवाता था। शहर का प्रतिष्ठित व्यक्ति है गिरोह का सरगना
पुलिस ने दावा किया है कि गिरोह का मुख्य सरगना शहर का एक प्रतिष्ठित व्यक्ति है। उसको पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी से गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों का पता लगाकर उन्हें काबू करने का काम किया जाएगा।