सीओं की अगुआई में आमी नदी के निकट मूर्ति विसर्जन स्थल पर पोखरे में पटाखों को नष्ट करती पुलिस।
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मगहर। आतिशबाजी की दुकानों पर छापेमारी में भारी मात्रा में बरामद पटाखों को प्रशासन ने शुक्रवार देर शाम आमी नदी के किनारे बने विसर्जन पोखरों में नष्ट करा दिया। पिछले दिनों पटाखों के विस्फोट से हुई दुर्घटनाओं के बाद न्यायालय ने पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है।
इसके क्रम में शुक्रवार को जिला प्रशासन ने जनपद मुख्यालय की आतिशबाजी की दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में पटाखे पकड़े गए। एसडीएम सदर आलोक यादव के नेतृत्व में क्यूआरटी वाहन में पटाखों को रखकर आमी नदी के तट पर बने विसर्जन पोखरों पर ले जाया गया। गड्ढे में पटाखों को डालने के बाद पानी के फव्वारे से नष्ट किया गया।
कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर छापेमारी की गई ताकि दीपावली में किसी तरह की अनहोनी न हो सके। उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग दो लाख रुपये मूल्य के पटाखे पकड़े गए। इसे अधिकारियों के निर्देश पर नष्ट किया गया। पटाखे विनष्टीकरण के मौके पर सीओ रमेश कुमार, चौकी इंचार्ज शशिभूषण पांडेय के अलावा दमकल कर्मी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
जांच के नाम पर पटाखा व्यापारियों को किया जा रहा परेशान:सर्वदानंद
संतकबीरनगर। पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सर्वदानंद पांडेय और युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश वर्मा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि दीपावली प्रमुख त्यौहार है। परंपरा के अनुसार पटाखा फोड़कर मनाया जाता है। खलीलाबद में पुलिस पटाखा जांच के नाम पर छोटे व्यापारियों को परेशान कर रही है। पटाखा जब्त कर लिया जा रहा है। व्यापारी पटाखा बाहर से मंगाते है।
प्रशासन से अस्थायी लाइसेंस निर्गम होने पर जूनियर हाईस्कूल मेें दुकानें लगती है और पटाखे की बिक्री होती है। छोटे व्यापारियों का एक सप्ताह का व्यापार होता है। पुलिस को मानवता के आधार पर सामानो को जब्त या बरबाद नहीं करना चाहिए। व्यापारियों के सामानों को वापस कर निर्धारित स्थान पर पटाखा लगाने की पहल करनी चाहिए।