होली पर दारू पीकर हंगामा कर रहे युवक को पकड़ने पहुंची यूपी-100 पुलिस से युवक भिड़ गया। उसने और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। यूपी-100 का हेड कांस्टेबल घायल हो गया। इससे भड़की पुलिस ने पूरे गांव में जमकर मारपीट और धरपकड़ की। 12 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर कई संगीन धाराओं में जेल भेज दिया है। पुलिस के इस रवैये से भाजपा नेताओं ने डीआईजी और एसपी से मिलकर कड़ा विरोध जताया।
शुक्रवार की रात करीब साढ़े 9 बजे देहात कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव में दारू पीकर हंगामा मचा रहे युवक की शिकायत ग्रामीणों ने फोन पर यूपी-100 को दी। मौके पर पहुंचे यूपी-100 के हेड कांस्टेबल राधाकृष्ण त्रिपाठी और अन्य पुलिस कर्मी ने युवक को दबोच लिया। युवक पुलिस से भिड़ गया और भाग निकला। छत पर चढ़कर पुलिस के ऊपर खपरा फेंके। पुलिस के मुताबिक अन्य ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। यूपी-100 पुलिस देहात कोतवाली को सूचना दी। वहां से पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। कुछ ही देर बाद बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी गांव पहुंच गई।
पुलिस ने देर तक गांव में धरपकड़ की। हंगामा पथराव करने वाले मुख्य आरोपी सहित 12 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें प्रकाश द्विवेदी उर्फ गोटू और उसके पिता सत्यनारायण द्विवेदी तथा मां गीता द्विवेदी सहित जुगुल, मनोज, पप्पू, पतिराखन, आदित्य, सुरेश यादव, सूरज, अगम और सूरज शुक्ला शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध पुलिस ने धारा 332, 353, 147, 427 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की है। न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। देहात कोतवाली इंस्पेक्टर तारा सिंह पटेल ने बताया कि यूपी-100 के हेड कांस्टेबल राधाकृष्ण त्रिपाठी को चोटें आईं हैं। उनकी वर्दी फाड़ी गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि हेड कांस्टेबल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। 40 अज्ञात भी हैं। जांच की जा रही है।
भाजपा नेताओं का पुलिस पर जुल्म का आरोप
बांदा। जमालपुर में पुलिस के रवैए पर भाजपा नेताओं ने सख्त विरोध जताया है। जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह सहित विधायक प्रकाश द्विवेदी (बांदा) और बृजेश प्रजापति (तिंदवारी) के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के जत्थे ने डीआईजी एके राय और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने मिलकर बात की। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने तिल का ताड़ बनाया। उच्चाधिकारियों को गलत सूचना देकर गुमराह किया। जिससे बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी गांव भेज दी गई।
अध्यक्ष ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों ने घरों में घुसकर मारपीट की। बच्चों और बूढ़ों को भी नहीं बख्शा। महिलाएं से धक्का मुक्की की। दरवाजे तोड़। दिव्यांग और रिटायर्ड वृद्ध शिक्षक को भी पकड़ लिया। अध्यक्ष ने कहा कि जिस युवक ने पथराव किया उसकी कोई वकालत नहीं की जा रही। पुलिस उसे गिरफ्तार करती, लेकिन निर्दोष ग्रामीणों के साथ पुलिस का रवैया आपत्तिजनक रहा। डीआईजी और एसपी ने जांच और न्याय का भरोसा दिलाया है। भाजपा नेताओं के जत्थे में पूर्व जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ल, महामंत्री प्रेमनारायण द्विवेदी, धीरेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।